Tag Archives: हिंदी सप्ताह

हिंदी भाषा का अंतर्द्वंद्व-हिंदी दिवस पर व्यंग्य कविता


ओढ़े हैं अंग्रेजी का लबादा

टिकायें है आसरा

दूसरों पर हिन्दी मशाल जलाने का,

कार पर सवार

हिंग्लिश में बतियाते हैं,

ख्वाब रखते हैं गरीबों पर

राष्ट्रभाषा की बैलगाड़ी का,

देश के इंसानों को गुलाम बनकर

विकास का रास्ता दिखाते हैं,

समाज के बड़े अब परे हो गये हैं,

अंग्रेजी भाषा के ठेकेदार

नाम पट्ठिका  भाषा की पदवी लिखाते हैं।

कहें दीपक बापू

अमीर से हो गयी  आम आदमी की लंबी दूरी,

गरीब के पसीने से निकले सोने को

बटोरने की उनके सामने हैं मजबूरी,

इसलिये साल में एक बार हिन्दी दिवस मनाते हैं,

मातृभाषा पर अहसान जताते हैं,

पूरा घर पढ़ रहा है जिनका अंग्रेजी में

देश के लोगों हिन्दी का मार्ग वही दिखाते हैं।

 लेखक एवं संपादक-दीपक राज कुकरेजा भारतदीप

लश्कर, ग्वालियर (मध्य प्रदेश)

कवि, लेखक एवं संपादक-दीपक ‘भारतदीप’,ग्वालियर
hindi poet,writter and editor-Deepak ‘Bharatdeep’,Gwalior
http://dpkraj.blgospot.com

यह आलेख इस ब्लाग ‘दीपक भारतदीप का चिंतन’पर मूल रूप से लिखा गया है। इसके अन्य कहीं भी प्रकाशन की अनुमति नहीं है।
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1.दीपक भारतदीप की शब्द पत्रिका
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6.हिन्दी पत्रिका 
७.ईपत्रिका 
८.जागरण पत्रिका 
९.हिन्दी सरिता पत्रिका

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हिंदी दिवस पर व्यंग्य कविता-मातृभाषा पर अहसान जताते हैं


ओढ़े हैं अंग्रेजी का लबादा

टिकायें है आसरा

दूसरों पर हिन्दी मशाल जलाने का,

कार पर सवार

हिंग्लिश में बतियाते हैं,

ख्वाब रखते हैं गरीबों पर

राष्ट्रभाषा की बैलगाड़ी का,

देश के इंसानों को गुलाम बनकर

विकास का रास्ता दिखाते हैं,

समाज के बड़े अब परे हो गये हैं,

अंग्रेजी भाषा के ठेकेदार

नाम पट्ठिका  भाषा की पदवी लिखाते हैं।

कहें दीपक बापू

अमीर से हो गयी  आम आदमी की लंबी दूरी,

गरीब के पसीने से निकले सोने को

बटोरने की उनके सामने हैं मजबूरी,

इसलिये साल में एक बार हिन्दी दिवस मनाते हैं,

मातृभाषा पर अहसान जताते हैं,

पूरा घर पढ़ रहा है जिनका अंग्रेजी में

देश के लोगों हिन्दी का मार्ग वही दिखाते हैं।

 लेखक एवं संपादक-दीपक राज कुकरेजा भारतदीप

लश्कर, ग्वालियर (मध्य प्रदेश)

कवि, लेखक एवं संपादक-दीपक ‘भारतदीप’,ग्वालियर
hindi poet,writter and editor-Deepak ‘Bharatdeep’,Gwalior
http://dpkraj.blgospot.com

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७.ईपत्रिका 
८.जागरण पत्रिका 
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