लाइलाज मामला-हास्य कविता (lailaj mamla-hasya kavita)


चिकित्सक के गलत इलाज से
मरीज किसी तरह बच पाया।
निकला उसके अस्पताल से
घर पहुंचकर ही सांस ले पाया।
कभी सिर में दर्द रहता
तो कभी पांव से चलते हुए तकलीफ होती
‘जान बच गयी लाखों पाये’
यही सोचकर तसल्ली कर सब सहता
एक दिन उसे वकील से मिलने का ख्याल आया।
उसने जाकर उसे सब हाल बताया।
वकील ने उसे
क्षतिपूर्ति का मुकदमा करने की दी सलाह
साथ में चिकित्सक को भी नोटिस थमाया।
अब तो बढ़ गया झगड़ा
बदले हालत में
मरीज खुशी से हो गया तगड़ा
इधर चिकित्सक को भी समझौते के लिये
लोगों ने समझाया।
दोनों अपने वकीलों के साथ मिले एक जगह
ढूंढने लगे झगड़े की सही वजह
मरीज और चिकित्सक के वकील ने
दोनों को समझौते की लिए राजी कराया।
चिकित्सक ने मरीज की दस हजार फीस में से
पांच हजार उसके वकील और
पांच हजार अपने वाले को थमाया।
दोनों ने अपने पैसे अपनी जेब में रख लिये
यह देखकर
‘मेरे दस हजार कहां है
मुझे वापस दिलवाओ’
मरीज चिल्लाया।
मरीज का वकील बोला-
‘पगला गये हो
तुमने चिकित्सक का कितना नुक्सान कराया
तुम्हारे इलाज पर इतनी दवायेें लगाई
अपने लोगों से मेहनत कराई
फिर भी उनके हाथ कुछ नहीं आया।
तुमने मुफ्त में
उनके फाईव स्टार नुमा अस्पताल में
चार रातों के साथ दिन बिताया।
अब उनकी क्या गलती जो
तुमने आराम न पाया।
मैंने तुम्हें मुकदमें के लिये
भागदौड़ करा कर चंगा कर दिया
यही काम यह चिकित्सक भी करते
तो यह परेशानी नहीं आती
अपनी इसी गलती का
बिल इन्होंने भर दिया
क्या यह कम है
तुम तो अब स्वस्थ हो गये
फिर काहे का गम है
तुम्हें ठीक करने की फीस
हम दोनों वकीलों ने ले ली
तुम तो खर्च कर ही चुके
स्वस्थ होकर हर्जाना नहीं मांग सकते
बिचारे चिकित्ससक साहब का सोचो
जिनके हाथ कुछ न आया।’

…………………………………..

नोट-यह हास्य कविता एकदम काल्पनिक है। किसी घटना या व्यक्ति से इसका कोई लेनादेना नहीं है। अगर संयोग से किसी से इसकी कारिस्तानी मेल खा जाये तो वही इसके लिये जिम्मेदार होगा।

दीपक भारतदीप की शब्दयोग पत्रिका पर लिख गया यह पाठ मौलिक एवं अप्रकाशित है। इसके कहीं अन्य प्रकाश की अनुमति नहीं है।
कवि एंव संपादक-दीपक भारतदीप
अन्य ब्लाग
1.दीपक भारतदीप की शब्द पत्रिका
2.अनंत शब्दयोग
3.दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका
hasya vyangya kavita, hindi doctor, vakil, मनोरंजन, शेर, हिंदी काव्य, हिंदी साहित्य
4.दीपक भारतदीप की शब्दज्ञान पत्रिका
लेखक संपादक-दीपक भारतदीप

Advertisements
Post a comment or leave a trackback: Trackback URL.

टिप्पणियाँ

  • Ramprasad sharma  On 24/08/2009 at 00:48

    halo

  • gagan rajawat  On 10/09/2010 at 19:46

    yahi to such hai jo aapne likha. bahut achha laga padkar.

  • avinash tripathi  On 21/10/2010 at 19:22

    bahut khoob

  • AKA$H  On 25/11/2010 at 13:16

    MAZA HE AA GAYA BAHI!!!!!!!!!!!!!!!

  • JAY PRAKASH TIWARI  On 27/08/2011 at 17:57

    GOOD ……………………………………..

  • Sejal Mundra  On 14/01/2013 at 08:12

    NICE………………………………………………………………………………

  • Abhijeet kable  On 14/09/2013 at 23:38

    It was nice

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: