असली फूल, नकली फूल-हिदी शायरी


अब करते हैं लोग शिकायत
असली फूलों में वैसी
सुगंध नहीं आती
नकली फूलों में ही
इसलिये असली खुशबू छिड़की जाती
दौलत के कर रहा है खड़े, नकली पहाड़ आदमी
पहाड़ों को रौदता हुआ
नैतिकता के पाताल की तरफ जा रहा आदमी
सुगंध बिखेर कर खुश कर सके उसे
यह सोचते हुए भी फूल को शर्म आती
………………………….

नकली रौशनी में मदांध आदमी
नकली फूलों में सुगंध भरता आदमी
अब असली फूलों की परवाह नहीं करता
पर फिर भी उसके मरने पर अर्थी में
हर कोई असली फूल भरता
भला कौन मरने पर उसकी सुगंध का
आनंद उठाना है
यही सोचकर असली फूलों की
आत्मा सुंगध से खिलवाड़ करता
…………………………
धूप में खड़े असली फूल ने
कमरे में सजे असली फूल की
तरफ देखकर कहा
‘काश मैं भी नकली फूल होता
दुर्गंधों ने ली मेरी खुशबू
इसलिये कोई कद्र नहीं मेरी
मै भी उसकी तरह आत्मा रहित होता’
फिर उसने डाली
नीचे अपने साथ लगे कांटो पर नजर
और मन ही मन कहा
‘जिन इंसानों ने कर दिया है
मुझे इतना बेबस
फिर भी मेरे साथ है यह दोस्त
क्या मै इनसे दूर नहीं होता

………………………………….

यह आलेख ‘दीपक भारतदीप की हिंदी पत्रिका’पर मूल रूप से लिखा गया है। इसके अन्य कहीं भी प्रकाशन की अनुमति नहीं है।
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लेखक संपादक-दीपक भारतदीप

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टिप्पणियाँ

  • nitish raj  On 27/08/2008 at 16:31

    छटांक भर का टैग कहां है दीपक जी…वादा था भूल गए क्या।

  • राज भाटिया  On 27/08/2008 at 18:52

    बहुत ही सुन्दर कहा हे आप ने आज नकली भी असली को झुठला रहा हे, लेकिन झुठ ओर नकल ज्यादा देर नही रहती
    धन्यवाद, आप के यहा आ कर ग्यान का धन मिल जाता हे

  • raj  On 19/10/2008 at 06:01

    शायरी

  • ranjit  On 29/06/2010 at 16:42

    veary good

  • mahesh  On 29/08/2010 at 21:34

    बहुत ही सुन्दर कहा हे आप ने आज नकली भी असली को झुठला रहा हे, लेकिन झुठ ओर नकल ज्यादा देर नही रहती
    धन्यवाद, आप के यहा आ कर ग्यान का धन मिल जाता हे

  • mahesh  On 29/08/2010 at 21:48

    haiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

  • mahesh  On 29/08/2010 at 21:54

    Kbhi kisi ki mohbat ko bhula mat dena jise tumare bina jine ki aadat n ho use lambi umar ki dua mat dena

  • ROSHANI & me  On 29/08/2010 at 22:12

    shma kehti h muje banaya kiane, jis jis ke hath lagi muje jalaya, wo shma kya jisekoi jalanewala naho insanhi kya jise koi chahne wala naho.

  • mahesh  On 29/08/2010 at 22:34

    yaron ki yari pe shak nahi karte, jab don msg bhejta hai to bak-bak nahi karte, pareshan karte ho jab don busy hota hai, ab don free hai to sms nahi karteeeeeeeeeeeee

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