अपने जिस्म पर इतराते हैं लोग-कविता



अपने जिस्म पर इतराते हैं लोग
जिसमें रहते हैं बहुत सारे रोग
जीवन की नाव वक्त की लहरों में
बहती जाती है
खुद को खैवनहार समझते हैं लोग
कभी डूबना है इस सच से सभी घबड़ाते हैं
इसलिये जीने के लिये
झूठे बहाने ढूंढे लिये जाते हैं
जिसमें सच के मायने गढ़े जाते हैं
पर वक्त पर अपने झूठ भी
साथ छोड़ जाते हैं
इस सच को जानते हुए भी
उससे मूंह छिपाते हैं लोग
……………………..

कुछ सवाल ऐसे होते है
जिनके जवाब नहीं मिल पाते हैं
कुछ जवाब बिना सवाल किये आते हैं
जिंदगी है एक एक पहेली
जिसमें कठिन सवालों के जवाब मिल जाते हैं
पर कभी सरल सवालों के
जवाब भी मुश्किल से मिल पाते है
………………………….

दीपक भारतदीप

Advertisements
Post a comment or leave a trackback: Trackback URL.

टिप्पणियाँ

  • mehek  On 07/06/2008 at 13:49

    कुछ सवाल ऐसे होते है
    जिनके जवाब नहीं मिल पाते हैं
    कुछ जवाब बिना सवाल किये आते हैं
    जिंदगी है एक एक पहेली
    जिसमें कठिन सवालों के जवाब मिल जाते हैं
    पर कभी सरल सवालों के
    जवाब भी मुश्किल से मिल पाते है
    bilkul sahi baat,kabhi aasan sawal bhi jawab bina reh jate hai,bahut khub

  • ranjanabhatia  On 08/06/2008 at 12:28

    कई लोग मिले इस राह पर
    बिछड़ गये अपनी मंजिल आते ही
    दिल में बसा रहा उनका साया
    चंद मुलाकातों में रिश्ता गहरा होता लगा
    पर जो बिछड़े तो फिर
    उनका चेहरा कभी नजर नहीं आया
    तन्हाई में जब खड़ा होकर
    इधर-उधर देखता हूं
    बस नजर आता है अपना साया

    बहुत खूब दीपक जी .आपकी कविता बेहद पसंद आई मुझे …साया लफ्ज़ से कुछ भी लिखा न जाने क्यों मेरे दिल को छूता है बहुत बहुत शुक्रिया आपका इस कविता को लिखने का ..आप पूरी कविता यहाँ अपने ब्लॉग पर पोस्ट करे ..क्यूंकि वह सचमुच बहुत सुंदर लिखी गई है .

  • अच्छी रचनायें हैं विशेषकर दूसरी..

    ***राजीव रंजन प्रसाद

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: