रहीम के दोहे:अहंकार है आदमी के छोटे होने का प्रमाण


बड़े पेट के भरन को, है रहीम देख बाढि
यातें हाथी हहरि कै, दया दांत द्वे काढि

कविवर रहीम कहते हैं कि जो आदमी बड़ा है वह अपना दुख अधिक दिन तक नहीं छिपा सकता क्योंकि उसकी संपन्नता लोगों ने देखी होती है जब उसके रहन सहन में गिरावट आ जाती है तब लोगों को उसके दुख का पता लग जाता है। हाथी के दो दांत इसलिये बाहर निकल आये क्योंकि वह अपनी भूख सहन नहीं कर पाया।

बड़े बड़ाई नहिं तजैं, लघु रहीम इतराइ
राइ करौंदा होत है, कटहर होत न राइ

कविवर रहीम कहते हैं कि बड़े आदमी कभी अपने मुख से स्वयं अपनी बड़ाई नहीं करते जबकि छोटे लोग अहंकार दिखाते है। करौंदा पहले राई की तरह छोटा दिखाई देता है परंतु कटहल कभी भी राई के समान छोटा नजर नहीं आता।

वर्तमान संदर्भ में व्याख्या-कहा जाता है कि धनाढ्य व्यक्ति इतना अहंकार नहीं दिखाता जितना नव धनाढ्य दिखाते हैं। होता यह है कि जो पहले से ही धनाढ्य हैं उनको स्वाभाविक रूप से समाज में सम्मान प्राप्त होता है जबकि नव धनाढ्य उससे वंचित होते हैं इसलिये वह अपना बखान कर अपनी प्रभुता का बखान करते हैं और अपनी संपत्ति को उपयोग इस तरह करते हैं जैसे कि किसी अन्य के पास न हो।

वैसे बड़ा आदमी तो उसी को ही माना जाता है कि जिसका आचरण समाज के हित श्रेयस्कर हो। इसके अलावा वह दूसरों की सहायता करता हो। लोग हृदय से उसी का सम्मान करते हैं जो उनके काम आता है पर धन, पद और बाहुबल से संपन्न लोगों को दिखावटी सम्मान भी मिल जाता है और वह उसे पाकर अहंकार में आ जाते हैं। आज तो सभी जगह यह हालत है कि धन और समाज के शिखर पर जो लोग बैठे हैं वह बौने चरित्र के हैं। वह इस योग्य नहीं है कि उस मायावी शिखर पर बैठें पर जब उस पर विराजमान होते हैं तो अपनी शक्ति का अहंकार उन्हें हो ही जाता है। जिन लोगों का चरित्र और व्यवसाय ईमानदारी का है वह कहीं भी पहुंच जायें उनको अहंकार नहीं आता क्योंकि उनको अपने गुणों के कारण वैसे भी सब जगह सम्मान मिलता है।
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Rahim’s couplets: arrogance of the small man’s testimony
Rahim says that big man who is suffering more days, it can not hide its prosperity because people have seen a decline in tolerance when his life is his grief to the people it takes to address it. So two out of elephant teeth come because he could not tolerate their hunger.

Rahim says that the big man his mouth sometimes do not boast their own people while the small show of arrogance. Like the first gooseberry mustard small but appears like a small mustard jackfruit ever is missing.

In the context of the current interpretation – is said that such a wealthy person does not show arrogance as the newly rich show. It appears that they are already naturally rich in the society honours is the newly wealthy are deprived of it because his deeds to his mastery of his deeds, and to use the property as a way to Others have not.

However, the big man is considered to be the same as that which best practice in the interest of society. In addition, he helps others. The heart of the same people who respect their work comes on the money, rank and power from rich people to get respect is to mock him and he is satisfied they are in arrogance. Today, all that money and place the condition of society are sitting on top of what the people of the dwarf character. He is not eligible to sit on top of that illusory when he sits on are, they have the arrogance of his power is. The people of character and integrity of the business, is the arrogance they do not go anywhere access to their properties because they are coming because even though there is respected everywhere.

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