प्रात: योग साधना करना एव गीता का पाठ करना। इसके अलावा लेखन के द्वारा मित्र बनाना । अर्थाजन में अधिक रूचि नहीं । मेरी मान्यता है कि आदमी की देह शाश्वत नहीं है पर जीवन शाश्वत है,लिखने के साथ उसका मजा भी लेता हूँ। देश के अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशन। इन्टरनेट पर पिछले साल ही लिखना शुरू किया। ग्वालियर में निवास है
इसके अलावा मेरे दूसरे ब्लोग की सूची मुख्य पृष्ठ पर अंकित है।
दीपक भारतदीप, ग्वालियर
दीपक जी अच्छा लगा आपको पढना ..काफी अच्छी अच्छी रचनाएं हैं आपकी.जल्दी ही फिर आना होगा .
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काफी अच्छा है । मै भी झाँसी से हूँ ।
विवेक
mailtovivekgupta@gmail.com
Have a nice day !
जन्म तिथि मालूम हो जाती तो हम भी मुवार्क्वाद भेज दिया करते पोस्टल पता होता तो कार्ड से भी निवेदन करते
dipak you are really great
from http://svtuition.blogspot.com