यूं तो बिखरा पड़ा है चारों ओर
कुदरत का खजाना
बटोरने वाला चाहिए
बेजान चीजों पर दिल लगाने
को सब हो जाते हैं तैयार
जानदार की परवाह
करने वाले होना चाहिए
इस जहां में दूसरों की कदर कौन करेगा
पहले अपने दिल का ख्याल करने वाला
दिमाग से सोचने वाला इंसान चाहिए
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किसी के पास ज्ञान का
किसी के पास विज्ञान का
किसी की पास शिक्षा का है ठेका
किसी ने लिया है
इंडियन आइडियल बनाने का
किसी के पास है विश्व चैंपियन
बनाने का ठेका
पालक अपने बालकों को
उनसे पास भेजकर सोचते हैं
सब काम अपने आप हो जायेंगे
अब वह सिरमौर ही बनकर घर आएंगे
जो सफल हो जाते हैं वह
गाते हैं ठेकेदारों की महिमा
जो असफल हौं वह अपनी
किस्मत को दोष देकर रह जाते हैं
हर तरह की गारंटी वाला
सब जगह चल रहा है ठेका
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लेखक संपादक-दीपक भारतदीप