फिर कभी मोबाइल नहीं होगा खराब-हास्य कविता


सारा दिन कान से मोबाइल चिपका कर
प्रेम की बातें करने वाले
प्रेमी के कान हो गये  खराब
कभी आवाज आती
तो कभी बाहर ही रह जाती
प्रेमिका  के कई
सवालों के नहीं दे पाता जवाब

अपनी परेशानी को लेकर गया डाक्टर के पास
अपनी बीमारी के इलाज की लेकर आस
डाक्टर ने चेक करने के बाद
दवा का पर्चा उसके हाथ में
देकर कहा
‘यह दवा खाते रहना
जब तक ठीक न हो मोबाइल से दूर रहना
नहीं तो उम्र भर
कान की मशीने सहारे ही सुनोगे जनाब’

प्रेम का दीवाना
मोबाइल और पर्चा लेकर निकला
पहुंचा मोबाइल की दुकान पर
और मालिक को पर्चा थमाते बोला
‘मोबाइल के लिये डाक्टर ने दवा लिख दी है
वह जरा जल्दी इसमें डाल दो
ताकि मैं अपने कानों से सुन सकूं
और दे सकूं अपनी प्रेमिका के सवालों का जवाब’

दुकानदार ने कुछ सोचा
फिर की जाकर अंदर फोन पर बात
और बाहर आकर कहा
’अभी नहीं है स्टाक में
मंगवायी है गोदाम से
अभी आती होगी जनाब’

थोड़ी देर बाद मानसिक चिकित्सालय से
आयी गाड़ी में से कुछ लोग
उतरे और पकड़ कर उसे ले जाने लगे
तो करने लगा विरोध तो
दुकानदार ने समझाया
‘आपका मोबाइल है बहुत खराब
उसके लिये आपकी दवा और इलाज जरूरी है
तभी वह सुधर पायेगा
गलत डाक्टर से गलत पर्चा लिखवाया
उसको भी तुम्हारा रोग समझ में नही आया
अब सही जगह जा रहे हो
जहां तुम्हारे इलाज से मोबाइल
हमेशा के लिए ठीक हो जायेगा
फिर कभी नहीं होगा खराब’
……………………………….

2 Comments

  1. Posted 19/10/2008 at 05:59 | Permalink

    hi

  2. Posted 19/10/2008 at 06:00 | Permalink

    i want shayri


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