यह नहीं बता सकते कि हिट होगा कि फ्लाप-हास्य कविता
फंदेबाज के घर के दौरे पर
पहूंचे तो उसकी मां अपना नवजात पोता
दिखाते हुए बोली
‘‘ दीपक बापू.मेरा यह पोता है
तुम्हारे इस दोस्त के बेटे से
हम सास-बहु परेशान हो गये हैं
जब भी चलते है रात को
टीवी पर अच्छे कार्यक्रम
तब मचाता है चीख पुकार
बाकी समय सोता है
इसका बाप भी उस समय
तुम्हारे घर पर गप्पें हांक रहा होता है
तुम्हारे कंप्यूटर पर ज्योतिष हो तो
बता दो इसका आगे क्या होता है’
सुनकर पहले टोपी उतारी और फिर
सिर खुजलाया
पर कुछ समझ में नहीं आया
तब फंदेबाज बोला-‘‘ अब यहां तो कंप्यूटर है नहीं
तुम्हारा दिमाग तो बस वहीं चलता है
जब देखो वहीं जाने को मचलता है
असामजिक हो गये हो
जब से यह ब्लाग बनाया
पता नहीं हमारी माताश्री का
प्रश्न तुम्हारी समझ में आया कि नहीं आया
मैरे ही सबको बताया कि
तुम्हारे कंप्युटर में ज्योतिष भी होता है
ब्लाग का नाम सुनते ही बाछें खिल उठीं
और कुर्ते में हाथ डालकर
कंप्यूटर की तरह नचाते हुए बोले
‘‘मित्र देखो
ब्लाग का नाम सुनकर यह भी खामोश हो गया
और हमारा मस्तिष्क भी शूरू हो गया
एक बरस से हमारे ब्लाग लिखते समय
आकर तुम बैठ जाते हो
फिर उसी पर अपनी पत्नी से बतियाते हो
उसका ही असर हुआ है
सास-बहु के धारावाहिकों से उकताऐ
कई लोग ब्लाग लिखने आ गये ं
हम और तुम भी तो कोई रास्ता न मिलने पर
वहीं विचरने आ गये
शायद यह भी बहुत बोर हुआ होगा
जब इन सीरियलों को शोर हुआ होगा
सामाजिकता के नाम पर अपराध की कथा दिखाते
पता नहीं किससे लिखवाते
तुम्हारा यह लड़का ब्लाग प्रिय लगता है
और भविष्य में चमकेगा
अ-आ पढ़ते ही वहां आ धमकेगा
तुम हम पर कसते हो रोज फब्तियां
यह लगा देगा अंतर्जाल पर अपने नाम की तख्तियां
मगर तुम्हारा क्या होगा
अगर लिखने लगा यह तुम पर
हमारी तरह हास्य कविताएं
बाकी आगे इस भविष्य हम क्या बताएं
अब यह तो हम नहीं कह सकते कि
यह पाएगा जोरदार हिट
या हमारी तरह फ्लाप होता है
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