इसका गम नहीं-कविता

उनकी गली से निकलते हुए
यूं भी हमें डर लगता है कि
कहीं हमें देखकर उन्हें
वह वादे याद न आयें
जो कर वह मुकर गए
और अब उनको याद दिलाएं

हमने धोखा खाया इसका
कोई गम नहीं
वैसे भी जमाने में दर्द कम नहीं
जो उसमें इजाफा करें और
जब वह कांपें और शरमाये
जब हम से आँखे मिल जाएं
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उनके वादे पर भरोसा कर
धोखा खाया
इसका कोई गम नहीं
तकलीफ होती है यह सोचकर
अब वह फिर उस रास्ते पर
फिर नहीं मिलेंगे कभी
राह बदल कर चल देंगे और कहीं

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