ज्योतिष और संयुक्त खाता

पति पत्नी का बैंक में संयुक्त खाता था. पत्नी को रोज सुबह टीवी पर आने वाले ज्योतिष कार्यक्रम में बहुत दिलचस्पी थी. उस कार्यक्रम के बीच में ही पति ने कहा”आज मैं काम से जा रहा हूँ और अभी बैंक खुले नहीं होंगे इसलिए तुम जाकर पैसे निकालकर आना.’
पत्नी ने इधर सिर हिलाकर हाँ की और उधर उसका भविष्य फल आ गया”आपकी राशि आज शुभ नहीं और आपको कोई आर्थिक लेनदेन नहीं करना चाहिए.”

बस पत्नी ने चिल्ला पडी’-आज मैं नहीं जाऊंगी क्योंकि मेरी राशि खराब है. कल जाऊंगी.’

पति ने पूछा-”अगर कल भी खराब आयी तो?’

”कल मैं यह कार्यक्रम ही नहीं देखूंगी?”पत्नी बोली
इधर पास में बैठी बेटी बोल पडी-’पापा आपकी राशि अच्छी आ रही है इसलिए आप ही निकाल देना कल सुबह मेरे को फीस भरनी है और कल आखिरी तारीख है. आखिर आप दोनों का जोईंट एकाऊंट है.यह जरूरी थोडे ही है की मम्मी हमेशा निकालकर लाती है तो आप नहीं निकालों.”
पिता ने कहा-”हाँ, यह तो मैं भूल ही गया क्योंकि घर के पास है इसलिए तुम्हारी माँ ही निकलकर लाती है और मैं भूल जाता हूँ कि मैं भी निकल सकता हूँ. पर बेटी आज तो मैं पैसे तो निकाल लेता हूँ पर आइन्दा तुम मेरा भविष्यफल मत देखना. कभी मेरा खराब हुआ तो तुम्हारी मम्मी मेरे को भी पैसे नहीं निकालने देगी. इसकी यह अच्छी आदत है कि सिर्फ अपना ही भविष्य फल देखती है किसी और का नहीं.”
वह चले गए तो बेटी ने माँ से कहा-”शुक्र है कि पापा का भविष्य मैंने गलत बताया. उनका भी खराब था.”
माँ ने कहा–”ला मेरा मोबाइल, मैं उनको भी बताती हूँ.
लडकी घबडा गयी-”पर मैं तो ऐसी ही कह रही हूँ मुझे तो पापा की राशि भी पता नहीं.”
माँ चुप हो गयी बेटी बाहर आकर अपने भाई से बोली-”शुक्र है भगवान् का उसने ज्योतिष बनाया तो बैंक वालों ने भी जोइन्ट एकाउंट बनाया. वरना तो मेरा भविष्य चौपट हो जाता.”