बारात का एक दिन, शादी की एक रात-कविता

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एक दिन की बारात

शादी की एक रात

आदमी अपनीसारी जिन्दगी की

कमाई दाव पर लगाता है

दूसरों को खुश कर अपनी

ख़ुशी का सपना सजाता है

पर जब आता है वह दिन

गहराती है रात

तब बदहाल आदमी भूल जाता है

अपनीसारी ख़ुशी

झूठी शान में अपने को थकाता है

सब बाराती चले जाने पर

खाली पंडाल के नीचे खङा आदमी

खर्च और भेंट का हिसाब करते हुए

झूठी प्लेटों के बीच खडे होकर

इधर-उधर देखता झुंझलाता

बारात का वह दिन

शादी कि वह रात

अपने बेटे की शादी पर

सुखद कल्पनाएं जो उसने की थी

उन्हें वह ढूँढता रह जाता

और फिर वह अब बेटी की

शादी में जुट जाता
———————————-

शादी एक खूबसूरत ख्वाब है

जो देखता है हर कोई

पहले अपने शादी का जश्न मनाने के बाद

अपनी औलाद होने पर उसकी शादी का

ख्वाब सजोने लगता है हर कोई

बेटा होने पर सोचता ऎसी बहु

घर में लाऊँगा जो मेरे पाँव दबाए

भोजन और पानी दे बैठे-बिठाए

हर शख्स मेरी किस्मत पर चिढ जाये

बेटी होने पर यह ख्वाब सजाता है

ऐसे भर भेजूंगा जहां राज करेगी

घर के नौकर करेंगे सेवा

मेरी बेटी खाएगी मेवा

लोग मेरी किस्मत पर बौख्लायेंगे

वाह रे इन्सान कैसी है तेरी सोच

बरात का एक दिन

शादी की बस एक रात

पूरी जिन्दगी दाव पर लगाता है

ख्वाब हकीकत नहीं होते

रोते हुए ही जिन्दगी गुजारता है

————————

3 Comments

  1. Posted 17/08/2009 at 14:04 | Permalink

    Jab aap likhte hain, to bas padne wala jab tak antim line tak na pahunch jaye, ruk nahi sakta. Ye kavita bhi annya kavitoaon ki hi tarah kuch sochne ke liye jor dalti hai.
    Prabhat

  2. Posted 06/11/2009 at 17:34 | Permalink

    एक दिन की बारात

    शादी की एक रात

    आदमी अपनीसारी जिन्दगी की

    कमाई दाव पर लगाता है

    दूसरों को खुश कर अपनी

    ख़ुशी का सपना सजाता है

    पर जब आता है वह दिन

    गहराती है रात

    तब बदहाल आदमी भूल जाता है

    अपनीसारी ख़ुशी

    झूठी शान में अपने को थकाता है

    सब बाराती चले जाने पर

    खाली पंडाल के नीचे खङा आदमी

    खर्च और भेंट का हिसाब करते हुए

    झूठी प्लेटों के बीच खडे होकर

    इधर-उधर देखता झुंझलाता

    बारात का वह दिन

    शादी कि वह रात

    अपने बेटे की शादी पर

    सुखद कल्पनाएं जो उसने की थी

    उन्हें वह ढूँढता रह जाता

    और फिर वह अब बेटी की

    शादी में जुट जाता
    ———————————-

    शादी एक खूबसूरत ख्वाब है

    जो देखता है हर कोई

    पहले अपने शादी का जश्न मनाने के बाद

    अपनी औलाद होने पर उसकी शादी का

    ख्वाब सजोने लगता है हर कोई

    बेटा होने पर सोचता ऎसी बहु

    घर में लाऊँगा जो मेरे पाँव दबाए

    भोजन और पानी दे बैठे-बिठाए

    हर शख्स मेरी किस्मत पर चिढ जाये

    बेटी होने पर यह ख्वाब सजाता है

    ऐसे भर भेजूंगा जहां राज करेगी

    घर के नौकर करेंगे सेवा

    मेरी बेटी खाएगी मेवा

    लोग मेरी किस्मत पर बौख्लायेंगे

    वाह रे इन्सान कैसी है तेरी सोच

    बरात का एक दिन

    शादी की बस एक रात

    पूरी जिन्दगी दाव पर लगाता है

    ख्वाब हकीकत नहीं होते

    रोते हुए ही जिन्दगी गुजारता है

  3. Posted 06/11/2009 at 17:36 | Permalink

    dilip
    Posted 06/11/2009 at 17:34 | Permalink
    Your comment is awaiting moderation.
    एक दिन की बारात

    शादी की एक रात

    आदमी अपनीसारी जिन्दगी की

    कमाई दाव पर लगाता है

    दूसरों को खुश कर अपनी

    ख़ुशी का सपना सजाता है

    पर जब आता है वह दिन

    गहराती है रात

    तब बदहाल आदमी भूल जाता है

    अपनीसारी ख़ुशी

    झूठी शान में अपने को थकाता है

    सब बाराती चले जाने पर

    खाली पंडाल के नीचे खङा आदमी

    खर्च और भेंट का हिसाब करते हुए

    झूठी प्लेटों के बीच खडे होकर

    इधर-उधर देखता झुंझलाता

    बारात का वह दिन

    शादी कि वह रात

    अपने बेटे की शादी पर

    सुखद कल्पनाएं जो उसने की थी

    उन्हें वह ढूँढता रह जाता

    और फिर वह अब बेटी की

    शादी में जुट जाता
    ———————————-

    शादी एक खूबसूरत ख्वाब है

    जो देखता है हर कोई

    पहले अपने शादी का जश्न मनाने के बाद

    अपनी औलाद होने पर उसकी शादी का

    ख्वाब सजोने लगता है हर कोई

    बेटा होने पर सोचता ऎसी बहु

    घर में लाऊँगा जो मेरे पाँव दबाए

    भोजन और पानी दे बैठे-बिठाए

    हर शख्स मेरी किस्मत पर चिढ जाये

    बेटी होने पर यह ख्वाब सजाता है

    ऐसे भर भेजूंगा जहां राज करेगी

    घर के नौकर करेंगे सेवा

    मेरी बेटी खाएगी मेवा

    लोग मेरी किस्मत पर बौख्लायेंगे

    वाह रे इन्सान कैसी है तेरी सोच

    बरात का एक दिन

    शादी की बस एक रात

    पूरी जिन्दगी दाव पर लगाता है

    ख्वाब हकीकत नहीं होते

    रोते हुए ही जिन्दगी गुजारता है


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